मादा मगरमच्छ ने ऊंट पर किया हमला, बाल-बाल बचा ऊंट

पैर में दांत लगते ही उछला ऊंट, दौड़ लगा कर भागा

 

मेंबर सिंह बघेल, कोटा। 10 फीट लंबी मादा मगरमच्छ दोपहर में चंद्रलोई नदी किनारे बैठी थी। तभी एक ऊंट पेड़ की पत्तियां खाते खाते मादा मगरमच्छ के नजदीक आ गया। मादा मगरमच्छ मौका देख कर शिकार की तरफ बढ़ने लगी। मगरमच्छ ने ऊंट के पास पहुंचते ही उस पर हमला कर दिया। मादा मगरमच्छ के दांत उसके पैर में लगे, ऊंट की किस्मत अच्छी थी इसलिए ऊंट मगरमच्छ के हमले से बाल -बाल बच गया।
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इस दुर्लभ संयोग को “वाइल्ड लाइफ फोटो ग्राफर आदिल सैफ” ने “Tv9 भारत समाचारके साथ साझा किया। आदिल ने बताया कि दोपहर लगभग 3से 4के बीच में हनुमंतखेड़ा स्थित चंद्र लोई नदी किनारे गए। आदिल नदी किनारे बैठ कर फोटो ग्राफी कर रहे थे। नदी के दूसरे छोर पर भारी भरखम मादा मगरमच्छ पानी में तैरते हुए बाहर निकल आई। नदी किनारे दो ऊंट पेड़ से पत्तियां खा रहे थे उन्हें मगरमच्छ के आस पास होने का कोई भी अहसास नहीं था। धीरे धीरे मादा मगरमच्छ ऊंट के नजदीक आती गई। मगरमच्छ ने थोड़ी देर तक इंतजार किया फिर मौका देख कर ऊंट पर हमला कर दिया। इस तरह हुए हमले से ऊंट घवड़ाकर भाग खड़ा हुआ लेकिन इस हमले में मादा मगरमच्छ के दांत ऊंट के पैर में लग गए ऊंट खुद को बचाते हुए भाग गया और मादा मगरमच्छ बिना शिकार किए हुए रह गई।

गौरतलब हो कि इस नदी में करीब 500 से लेकर 700तक मगरमच्छ रहते हैं। अक्सर इस इलाके में मगरमच्छों के हमले होते रहते हैं। चंद्र लोई नदी किनारे मादा मगरमच्छ ने अंडे दे रखे हैं। रेत में गड्ढा खोद कर अपना घोंसला बनाती है मादा मगरमच्छ। गर्मियों के मौसम में मादा मगरमच्छ एक बार मै 46 अंडे देती है। मगरमच्छ एक साल तक अपने बच्चों की देख भाल करते हैं। मगरमच्छ के छोटे बच्चे कीड़े और छोटी मछलियों को अपना भोजन बनाते हैं।
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